Planet & Mole






एक ही प्लेनेट पर रहते हैं हम
वो प्लेनेट
जो तुम्हारे तिल से भी छोटा है। 

इस प्लेनेट पर तुम इतनी दूर कैसी हो,
की बरसों मुलाकातें नहीं होती ...

इस बढ़ती भीड़ में
इत्तेफ़ाक़ से बाजार में टकराओ तो सही। 

© Santosh Kadam

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